भोजपुरी — ई ऊ भाषा हऊवे जे बिहार आ पूर्वी उत्तर प्रदेश के खेत-खलिहान, नदी-घाट आ गली-मोहल्ला में सदियों से गूंजत आ रहल बा। लेकिन एगो सवाल हमेशा मन में उठेला — भोजपुरी भाषा के जन्म कब भइल? एकर सुरुआत कहाँ से भइल? आइल जानल जाव।
भाषा के जन्म एक दिन में नइखे होत
कवनो भी भाषा एक दिन में नइखे बनत। भोजपुरी भी हजारन साल के लंबे सफर के नतीजा हऊवे। एकर बीज वैदिक संस्कृत में बोआइल, फिर पाली-प्राकृत में अंकुरित भइल, अपभ्रंश में पल्लवित भइल — आ आखिरकार लगभग 10वीं-11वीं सदी में भोजपुरी एगो अलग भाषा के रूप में पहचान पावे लागल।
विकास के क्रम
भोजपुरी के भाषाई यात्रा कुछ अइसन रहल:
| काल | भाषा | स्थिति |
|---|---|---|
| 1500 ईसा पूर्व से पहिले | वैदिक संस्कृत | मूल जड़ |
| 600 ईसा पूर्व | पाली / प्राकृत | सरलीकरण शुरू |
| 500 ईसवी | अपभ्रंश | बोलचाल के रूप |
| 10वीं-11वीं सदी | पुरानी भोजपुरी | अलग पहचान |
| 15वीं-16वीं सदी | मध्यकालीन भोजपुरी | साहित्य में प्रवेश |
| 19वीं सदी से अब तक | आधुनिक भोजपुरी | पूर्ण विकसित रूप |
10वीं-11वीं सदी — असली जन्मकाल
भाषाविद मानेलन कि भोजपुरी लगभग 1000 साल पुरानी भाषा हऊवे। जब उत्तर भारत में अपभ्रंश भाषा अलग-अलग क्षेत्रीय रूप लेवे लागल, तब पूर्वी उत्तर प्रदेश आ बिहार के क्षेत्र में जे बोली विकसित भइल — ऊही आगे चलके भोजपुरी कहलाइल।
पहिला साहित्यिक प्रमाण
भोजपुरी के सबसे पुरान साहित्यिक झलक 15वीं-16वीं सदी के लोकगीतन आ कबीर पंथी रचनन में मिलेला। कबीरदास जी के कुछ दोहा आ पद में भोजपुरी के प्रभाव साफ देखाई देला। लेकिन भिखारी ठाकुर (1887–1971) के समय में भोजपुरी पहिली बेर लिखित साहित्य के रूप में मजबूत भइल — इसीलिए उनका “भोजपुरी के शेक्सपियर” कहल जाला।
19वीं सदी — भोजपुरी के वैश्विक यात्रा
1834 में जब अंग्रेज सरकार गिरमिटिया मजदूरन के विदेश ले जाए लागल, तब भोजपुरी भाषा भी उनके साथे मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, त्रिनिदाद पहुँच गइल। इहाँ भोजपुरी ने एगो नया रूप लेलस — प्रवासी भोजपुरी — जे आजो ओह देशन में जिंदा बा।
20वीं सदी — फिल्म आ रेडियो से नई पहचान
1963 में पहिली भोजपुरी फिल्म “गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो” बनल। एकरे बाद भोजपुरी सिनेमा, रेडियो आ बाद में यूट्यूब के जरिए करोड़ों लोगन तक पहुँचल। आज भोजपुरी यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखल जाए वाली क्षेत्रीय भाषन में से एगो बा।
आज भोजपुरी कहाँ बा?
- 5–6 करोड़ से ज्यादा लोग भोजपुरी बोलेलन
- 12 से ज्यादा देशन में भोजपुरी बोलए वाला समुदाय मौजूद बा
- UNESCO के नजर में ई vulnerable language बा
- भारत के 8वीं अनुसूची में शामिल करे के माँग अभी जारी बा
निष्कर्ष
भोजपुरी भाषा के जन्म कवनो एक तारीख पर नइखे भइल। ई हजारन साल के संस्कृत, पाली, प्राकृत आ अपभ्रंश के लंबी यात्रा के फल हऊवे। लगभग 10वीं-11वीं सदी में एकर अलग पहचान बनल, 19वीं सदी में ई समुंदर पार गइल, आ 20वीं-21वीं सदी में ई करोड़ों लोगन के जुबान पर चढ़ल। भोजपुरी सिर्फ एगो भाषा नइखे — ई एगो सभ्यता हऊवे। 🙏